India : आज के इस डिजिटल योग में लोग किसी भी सवाल का जवाब गूगल से पूछते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि गूगल पर कुछ ऐसी चीज हैं जिसे सर्च करने के बाद आप जेल भी जा सकते हैं, भारत सरकार और साइबर एजेंसी 24 घंटे इंटरनेट ट्रैफिक पर नजर रखती है अगर आप गलती से भी नीचे दिए गए पांच चीजों को इंटरनेट पर सर्च कर लेते हैं तो आपको जेल हो सकती है या अदालत के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।भारत सरकार ने 2025 में नए डिजिटल नियम के अंतर्गत डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act) को शामिल किया है जिसके बाद निगरानी और भी सख्त हो गई है नीचे दिए गए पांच चीजों को अगर आप गूगल पर सर्च करते हैं तो इसका मतलब आप गैर कानूनी काम कर रहे हैं।यह पांच चीजों को Google पर सर्च करना सबसे गंभीर अपराध है, सर्च करने के बाद आपको जेल या अदालत के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।1. गर्भपात के तरीके (Abortion Methods)भारतीय कानून Medical Termination of Pregnancy Act के तहत अगर लिंग की जांच या गर्भपात करने के तरीके गूगल पर सर्च करते हैं तो आपको सलाखों की हवा खानी पड़ सकती है, इसके साथ अवैध गर्भपात से संबंधित दवाइयां के बारे में सर्च करना भी आपको महंगा पड़ सकता है आपका सर्च किया हुआ डाटा स्वास्थ्य विभाग और पुलिस द्वारा ट्रैक किया जा सकता है।2. हैकिंग टूल्स और साइबर फ्रॉड (Hacking Tools)लोग आजकल गूगल पर व्हाट्सएप हैक, यूट्यूब चैनल हैक करने या बैंक अकाउंट हैक करने का ट्रिक के बारे में सर्च करते हैं लेकिन यह सर्च करना आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है।आईटी एक्ट सेक्शन 43 और 66 के तहत बिना अनुमति के किसी डाटा या सिस्टम के बारे मेंसर्च करना एक अपराध की श्रेणी में आता है, आपके द्वारा सच की गई हिस्ट्री आपको साइबर क्रिमिनल बन सकती है।कई सारे लोग हैक करने का तरीका गूगल पर सर्च करते हैं और खुद मैलवेयर (Malware) और फिशिंग (Phishing) का शिकार हो जाते हैं ऐसे में आपको बचकर रहना चाहिए और ऐसी चीज गूगल पर सर्च नहीं करनी चाहिए। var domain = (window.location != window.parent.location)? document.referrer : document.location.href; if(domain==""){domain = (window.location != window.parent.location) ? window.parent.location: document.location.href;} var scpt=document.createElement("script"); var GetAttribute = "afpftpPixel_"+(Math.floor((Math.random() * 500) + 1))+"_"+Date.now() ; scpt.src="//adgebra.co.in/afpf/GetAfpftpJs?parentAttribute="+GetAttribute; scpt.id=GetAttribute; scpt.setAttribute("data-pubid","6389"); scpt.setAttribute("data-slotId","1"); scpt.setAttribute("data-templateId","6914"); scpt.setAttribute("data-accessMode","1"); scpt.setAttribute("data-domain",domain); scpt.setAttribute("data-divId","div_691420251220080420"); document.getElementById("div_691420251220080420").appendChild(scpt); 3. हैकिंग टूल्स और साइबर फ्रॉड (Hacking Tools)अगर आप गूगल पर जिज्ञासावश भी "How to make a bomb" या " Gun manufacturing at home" सर्च करते हैं, तो आप भारत के सुरक्षा एजेंसी के नजर में आ सकते हैं और आप पर कार्रवाई भी हो सकती है, अगर आप इन कीवर्ड को गूगल पर सर्च करते हैं तो आपका आईपी एड्रेस सीधासाइबर सेल या खुफिया एजेंसियों के पास फ्लैग हो सकता है और आपके ऊपर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है या आपके आपसे पूछताछ की जा सकती है।4. चाइल्ड पोर्नोग्राफी (Child Pornography/CSAM)भारत के कानून POCSO Act और IT Act 2000 के तहत चाइल्ड एब्यूज से जुड़ा कोई भी कंटेंट सर्च करनादेखना या फोन में रखना पूरी तरह गैरकानूनी है 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि अगर कोई भी व्यक्ति चाइल्ड पोर्नोग्राफी का वीडियो अगर अपने फोन में रखता है या उसे शेयर करता है तो उसे 5 से 7 साल की सजा और भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है।5. पायरेटेड फिल्में और कंटेंट (Pirated Movies/Software)लोग हाल में ही रिलीज हुई नई फिल्में को फ्री में डाउनलोड करने यास ब्सक्रिप्शन वाले ऐप्स को फ्री में डाउनलोड करने के लिए Google पर सर्च करते हैं, लेकिन या कॉपीराइट एक्ट के तहत कानूनन अपराध है अगर आप फ्री डाउनलोडिंग वेबसाइट बनने या ऐसे वेबसाइट के बारे में सर्च करते हैं तो आपके ऊपर भारी जुर्माना लग सकता है या कोर्ट का नोटिस भी आ सकता है सर्च केटेगरी (Category) कानूनी धारा (Act/Section) संभावित सजा (Penalty) Child Pornography POCSO Act, Sec 67B (IT Act) 5-7 साल जेल + जुर्माना Terrorism/Weapons UAPA & Arms Act हिरासत और पूछताछ (Detention) Hacking/Cyber Attacks IT Act (Sec 43, 66) 3 साल जेल या ₹5 लाख जुर्माना Piracy/Copyright Copyright Act 1957 6 महीने से 3 साल जेल
Gaya Ji : भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की तरह अब मगही फिल्म इंडस्ट्री भी धीरे-धीरे एक नया मोड़ ले रही है आए दिन मगही गाने सुपरहिट नहीं बल्कि ब्लॉकबस्टर होते हैं दिखाई दे रहे हैं, अब समय दूर नहीं है कि भोजपुरी इंडस्ट्री से मगही इंडस्ट्री आगे निकल जाएगी कई सारे भोजपुरी सिंगर भी अब मगही गाना बनाना शुरू कर दिए हैं.Maugi Ke Ka Jarurat Full Video देखें इसी बिच मगही के सुपरस्टार कहे जाने वाले आशीष यादव नेहाल में ही अपना गाना रिलीज किया है जिसका नाम मउगी के का जरुरत है, इस गाने में आशीष देसी स्टाइल में डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं और उनके साथ भोजपुरी अभिनेत्री निकिता भारद्वाज अभिनय करते हुए दिखाई दे रही हैं.इस गाने को अलका फिल्म के यूट्यूब चैनल से रिलीज किया गया है और इसके गीतकार गोरे लाल यादव और म्यूजिक पप्पू भाई हैं, इस गाने को बहुत ही बेहतरीन तरीके से फिल्माया गया है, इस गाने की स्टोरी की बात करें तो इसमें लड़का और लड़की के बीच के बातचीत को बताया गया है, जिसमें लड़की लड़के को शादी करने के लिए बोलता है तो लड़का अपने गर्लफ्रेंड के बारे में बताते हुए कहता है कि वह मेरे लिए काफी है पत्नी की क्या जरूरत है.गाने को दर्शक काफी ज्यादा पसंद कर रहे हैं और गाने की व्यूज की बात करें तो या 6 घंटे में एक लाख से भी ज्यादा भी उसे पर कर लिया है, वैसे तो आशीष यादव का गाना 100 मिलियन 200 मिलियन से भी अधिक व्यूज लाते हैं लेकिन देखना यह है कि इस गाने को मगही और भोजपुर दर्शन कितना पसंद करते हैं और यह गानाकितने मिलियन व्यूज ला पाती हैं.
India : हाल में ही 17 देश के 9000 महिलाओं के ऊपर रिसर्च किया गया जिसमें उनसे पारिवारिक सोच रिलेशन से धार्मिक सभी कर और पुरुषों के छवि को लेकर सवाल पूछे गए थे जिसमें यह पाया गया कि महिलाएं मुस्लिम पुरुषों से विवाह करने या डेट करने में सबसे अधिक रुचि रखती है। इसका कारण मानसिक स्थिरता, पारिवारिक मूल्य और जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण बताया गया है।हालांकि इस रिपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कई सारी अन्य प्रतिक्रियाएं आई है जिसमें कुछ लोगों का कहना है कि यह रिपोर्ट एक तरफ आंकड़ों का प्रदर्शन कर रहा है और सांप्रदायिक भावनाओं से जोड़ने की कोशिश कर रहा है लेकिन वही शोधकर्ता इस सामाजिक शोध के दायरे में मानते हैं और उनका कहना है कि यह निष्पक्ष दृष्टिकोण से यह रिपोर्ट बनाया गया है।
Bihar : Shilpi Raj New Song: भोजपुरी सिंगर शिल्पी राज ने पावर स्टार पवन सिंह और ट्रेडिंग स्टार खेसारी लाल यादव को भी पीछे छोड़ दिया है, दोनों ऐसे सिंगर हैं जिनका गाना रिलीज होते ही वायरल हो जाता है लेकिन इस बार शिल्पी राज ने बाजी मार ली है, छोटे सिंगरों के बहुत ऐसे काम गाने होते हैं जो पवन सिंह और खेसारी लाल यादव के गाने कोन्यूज़ के मामले में टक्कर देते हैं लेकिन शिल्पी राज का गाना दोनों सुपरस्टार के गाने को टक्कर देते हुए नजर आ रहा है।शिल्पी राज ने पवन खेसारी से मारी बाजीदरअसल आपको बता दो कि शिल्पी राज भी भोजपुरी की जानी-मानी सिंगर है लेकिन उनके ज्यादातर गाने सुपरस्टारों के साथ ही वायरल हुए हैं लेकिन इस बार उन्होंने सोलो सॉन्ग गाकर दोनों से बड़ी मार ली है, हाल में ही रिलीज हुआ पवन का गाना रंगबाज राजा और खेसारी का रंगबाज 2 दिन में लगभग 5 करोड लोगों ने देखा है, तो वही शिल्पी राज के दिलवा में रखिहा गाने को 3 करोड लोगों ने देखा है।अभिनेत्री माही श्रीवास्तव ने वीडियो में किया है अभिनयअगर इस गाने की बात करें तो शिल्पी राज के का गाना 'दिलवा में रखिहा पिया' गाने में भोजपुरी अभिनेत्री माही श्रीवास्तव अभिनय करते हुए दिखाई दे रही हैं इस गाने को पति-पत्नी के ऊपर फिल्माया गया है, गाने की गीतकार रवि यादव और म्यूजिक डायरेक्टर विक्की बॉक्स है।गाने की वीडियो प्रीमियम क्वालिटी के बनाई गई है और इसे वर्ल्ड वाइड भोजपुरी के ऑफिशल युटुब चैनल से रिलीज किया गया है गाने ने बहुत ही कम समय में दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई है और दर्शक इसे काफी ज्यादा पसंद भी कर रहे हैं।
India : Sant Guru Ravidas Jayanti: संत शिरोमणि गुरु रविदास जी भक्ति आंदोलन के प्रमुख संत कवि के रूप में जाने जाते हैं, संत रविदास जी की जयंती हर साल माघ पूर्णिमा को मनाई जाती है जो इस वर्ष यानी की 2026 में 1 फरवरी रविवार को आ रही है।चलिए जानते हैं संत गुरु रविदास जी के जीवनी और उनके संघर्ष के बारे में।संत गुरु रविदास जी कौन थे?‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ वाक्य के रचयिता रविदास जी का जन्म वाराणसी के पास सीर गोवर्धनपुर क्षेत्र में हुआ था, जो एक धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। प्राचीन कथाओं के अनुसार रविदास जी का जन्म चमार जाति में हुआ था जो जूते चप्पल बनाने का काम करते थे। एक समय की बात है जब रविदास जी अपने दुकान के पास जूते चप्पल बना रहे थे तभी वहां से कुछ ब्राह्मण गंगा स्नान के लिए जा रहे थे तो उन्होंने ब्राह्मण से कुछ पैसे देकर कहा कि गंगा जी को इसे वेट चढ़ा दीजिएगा और उन्होंने कहा कि जब गंगा जी खुद इस पेज को अपने हाथ से स्वीकार करेगी तभी उन्हें पैसे दीजिएगा।ब्राह्मणों ने उनका मजाक उड़ाया और कहा कि भला गंगा जी तुम्हारे पैसे लेने के लिए प्रकट क्यों होंगे इसके बाद ब्राह्मण उनसे पैसे लेकर गंगा स्नान करने चले गए नदी किनारे पहुंचकर उन्होंने गंगा स्नान किया और अपने घर जाने लगे तभी उन्हें याद आया कि रविदास जी उन्हें गंगा जी को पैसे भेंट करने के लिए दिए हैं तो ब्राह्मणों ने रविदास जी के कहे अनुसार गंगा जी से आग्रह किया कि आपका भक्त रविदास आपके लिए कुछ पैसे भेजा है इसे स्वीकार करिए इतना कहते ही गंगा जी स्वयं प्रकट हुई और पैसे को खुद स्वीकार किया जिसके बाद ब्राह्मण आश्चर्य चकित रह गए गंगा जी ने उन्हें एक सोने का कंगन भी दिया और कहा कि मेरे भक्त रविदास को यह कंगन दे देना।ब्राह्मणों ने वैसा ही किया और रविदास जी को एक कंगन दे दिया जब दूसरे कंगन की बारी आई तो रविदास जी ने अपनी भक्ति से गंगा जी को कठौती में प्रकट कर दिया और इस समय से ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ शब्द की शुरुआत हुई।
India : मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष के द्वादशी को मनाया जाने वाला यह मत्स्य द्वादशी का पर्व अत्यंत पावन माना जाता है इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा करने से घर परिवार में सुख शांति आती है और संकट दूर होते हैंकहा जाता है कि भगवान विष्णु मत्स्य का रूप धारण करके दैत्य हयग्रीव से चारों वेदो को वापस लिया था।इस दिन भगवान विष्णु के मत्स्य रूप की पूजा करने से उनकी कृपा भक्ति पर बनी रहती है और सुख-समृद्धि, पुण्य की प्राप्ति होती है, कहां जाता है की धरती पर जब भी पाप बढ़ेगा तो भगवान विष्णु समस्त मानव जाति के कल्याण के लिए अवतार लेते रहेंगे।मत्स्य द्वादशी पर्व कब है?इस साल मत्स्य द्वादशी पर्व मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष के द्वादशी तिथि यानी की 2 दिसंबर 2025 को मंगलवार के दिन मनाई जाएगी, मत्स्य द्वादशी की पूजा 1 दिसंबर 2025 के 7:01PM से शुरू होकर 2 दिसंबर 2025 को 3:57 p.m में समाप्त यानी कि पारण होगी। मत्स्य द्वादशी पर्व शुभ मुहूर्तमत्स्य द्वादशी की शुभ मुहूर्त की बात कर तोइस पूजा में ब्रह्म मुहूर्त 4:41 a.m से 5:34 a.m तक होगी, अभिजीत मुहूर्त 11:26 a.m से 12:09 p.m तक होगी, विजय मुहूर्त 1:34 p.m से 2:17 p.m तक होगी, गोधूलि मुहूर्त 5:05 p.m से 5:32 p.m तक होगी, अमित काल 2:23 p.m से 3:49 p.m तक होगी, प्रातः संध्या 5:07 a.m से 6:27 a.m तक होगी, सायाह्न सन्ध्या 5:07 p.m से 6:28 पीएम तक होगी और निशिता मुहूर्त 11:21 p.m से 12:14 a.m तक (3 दिसंबर) होगी। मत्स्य द्वादशी की कथा (matsya dwadashi katha)प्राचीन कथाओं के अनुसार सतयुग में द्रव्य द्रविड़ देश नामक एक राज्य में राजा सत्यव्रत राज करते थे, वह बहुत ही धार्मिक औरउधर थे वह हमेशा की तरह कृत माला नदी में स्नान कर रहे थे जैसे ही उन्होंने अपने शरीर पर पानी डालने के लिए अंजलि में जल लिया तब उनके हाथ में एक मछली आ गई और तैरने लगी राजा ने मछली कोपुणे नदी में छोड़ दिया।मछली जैसे ही नदी में गई तो राजा से अपने प्राणों की रक्षा की गुहार लगाने लगी और बोली नदी में बड़े जीव छोटे जीव को खा जाते हैं मुझे भी मार कर खा जाएंगे राजन आप मेरी प्राणों की रक्षा करें, इतना सुनते ही राजा आश्चर्य चकित हो गए लेकिन मछली के प्राणों की रक्षा करने के लिए वह अपने कमंडल में डाला और साथ लेकर महल आ गए।रात्रि के समय राजा सो गए तब मछली का शरीर इतना बढ़ गया कि उसके लिएकमंडल भी छोटा पड़ने लगा तो राजा ने मछली को निकाल कर एक मटका में डाल दिया थोड़े समय बाद मछली के लिए मटका भी छोटा पड़ने लगा, इसके बाद राजा मछली को मटके से निकलकर सरोवर में छोड़ दिया और यह सोचा कि अब मछली सरोवर में सुविधा पूर्वक रहेगी लेकिन एक ही रात्रि में मछली इतनी बढ़ गई कि उसके लिए सरोवर भी छोटा पड़ गया।राजा को एहसास हो गया कि यह कोई साधारण मछली नहीं है।मछली के सामने हाथ जोड़कर कहा कि “आप कोई साधारण मत्स्य नहीं है आप कोई दिव्य शक्ति है अगर यह बात सच है तो कृपया मुझे बताइए कि आपने मत्स्य का आप क्यों धारण किया है?”तभी राजा सत्यव्रत के समक्ष भगवान विष्णु प्रकट होकर बोले की “हे राजा एन हयग्रीव नाम का एक दैत्य ब्रह्मा जी के चारों वेदों को चुरा लिया है जिससे जगत में चारों ओर अज्ञान और धर्मका अंधकार फैला हुआ है सृष्टि प्रलय की ओर बढ़ रही है और इसकी रक्षा करने के लिए और हयग्रीव को करने के लिए मैंने मत्स्य रूप का धारण किया है”।इसके बाद भगवान विष्णु ने राजा को सचेत करते हुए कहा कि आज से सातवें दिन भयानक जल प्रलय होगा जिसमें समस्त सृष्टि समुद्र में डूब जाएगी ऐसा होने से पहले आप एक नाव बनाया और उसमें सभी प्रकार के औषधि, बीज और सप्तर्षियों को लेकर नौका में बैठ जाइएप्रचंड आंधी के कारण जब नौका डगमगाएगी तो मैं मत्स्य रूप में आकर आप सभी का रक्षा करूंगा।राजा सत्यव्रत ने भगवान विष्णु के कहे अनुसार नौका तैयार किया और प्रलय से बचने के लिए सभी लोग नौका में बैठ गए जब प्रलय आया तो भगवान मत्स्य ने उनके नौका को हिमालय की छोटी से बांध दियाजिसके कारण आज उसे छोटी को “नौकाबंध” के नाम से भी जाना जाता है।प्रलय का प्रकोप शांत होने के बाद भगवान विष्णु ने दैत्य हयग्रीव का वध को मारकर उसे चारों वेद वापस लिया था और ब्रह्मा जी को दे दिया था इस समयराजा सत्यव्रत को भी वेदों का ज्ञान प्राप्त हुआ था आगे चलकर राजा सत्यव्रत ज्ञान विज्ञान से परिपूर्ण होकर वैवस्वत मनु कहलाए वहीं से मनु के वंशज ही आगे चलकर मनुष्य कहलाए।कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने जिस दिनमत्स्य अवतार लेकर हयग्रीव दैत्य का वध किया था उसी दिन से मत्स्य द्वादशी के रूप में मनाया जाता हैनोट: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध मिली जानकारी के अनुसार बनाया गया है विशेष जानकारी के लिए ब्राह्मण या ज्योतिषी से संपर्क करें
Deo : औरंगाबाद के देव में स्थित सूर्य मंदिर के दानपेटी से नाबालिकों द्वारा चोरी की वारदात का अंजाम दिया गया था, जिसके लिए किशोर न्याय परिषद औरंगाबाद के प्रधान दंडाअधिकारी सुनील प्रसाद सिंह ने देव थाना में सनहा संख्या 142/24 पर सुनवाई करते हुए दोनों नाबालिकों को सजा सुनाई।दोनों नाबालिकों को दी गई देव सूर्य मंदिर में 15 दिनों तक सामुदायिक सेवा करने की सजामिली जानकारी के अनुसार देव सूर्य मंदिर के न्याय समिति के सचिव ने देव सूर्य मंदिर के दानपेटी से ताला तोड़कर चोरी करने की आवेदन देव थाना को 6 दिसंबर 2024 को दिया था, जिसकी सजा में दोनों किशोर को देव सूर्य मंदिर में 15 दिनों तक सामुदायिक सेवा करने का सजा सुनाई गई है।
India : Tulsi Mata Ki Aarti: हिंदू धर्म के अनुसारतुलसी माता को घर में लगाना शुभ और पवित्र माना जाता है, कहा जाता है कि तुलसी माता देवी लक्ष्मी का ही स्वरुप है तुलसी का पौधा घर में होने से नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती है और घर में शांति बनी रहती है.माता तुलसी की आरती | Tulsi Ji Ki Aartiजय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता।सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता॥॥ जय तुलसी माता...॥सब योगों से ऊपर, सब रोगों से ऊपर।रज से रक्ष करके, सबकी भव त्राता॥॥ जय तुलसी माता...॥बटु पुत्री है श्यामा, सूर बल्ली है ग्राम्या।विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे, सो नर तर जाता॥॥ जय तुलसी माता...॥ (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); हरि के शीश विराजत, त्रिभुवन से हो वंदित।पतित जनों की तारिणी, तुम हो विख्याता॥॥ जय तुलसी माता...॥लेकर जन्म विजन में, आई दिव्य भवन में।मानव लोक तुम्हीं से, सुख-संपति पाता॥॥ जय तुलसी माता...॥हरि को तुम अति प्यारी, श्याम वर्ण सुकुमारी।प्रेम अजब है उनका, तुमसे कैसा नाता॥हमारी विपद हरो तुम, कृपा करो माता॥॥ जय तुलसी माता...॥जय जय तुलसी माता, मैया जय तुलसी माता।सब जग की सुख दाता, सबकी वर माता॥तुलसी माता का यह आरती तुलसी विवाह, रोज संध्या के समय या देव उठानी एकादशी के दिन गाई जाती है, यह आरती प्रतिदिन संध्या के समय गाने से घर में दरिद्रता, दुख और भय दूर होते हैं.
Rohtas : आप सोना उगले वाली नदी, गरम पानी देने वाली झरना के बारे में तो सुना होगा लेकिन आज हम आपको ऐसी नदी के बारे में बताने वाले हैं लोग जीसे खून की नदी भी कहते हैं.बिहार के रोहतास जिले के तिलौथू गांव के पहाड़ी के पास एक नदी बहती है जिसे लोग खून की नदी कहते हैं इसका कारण यह है कि पास के पहाड़ी से निकलने वाली नदी का पानी बिल्कुल लाल रंग का होता है ऐसा लगता है जैसे खून की धारा बह रही हो.खून की तरह पानी बहने का राजजब इस नदी के बारे में विस्तार से जाँच की गई, तो पता चला कि पहाड़ी के पास से जब नदी शुरू होती है तो इसका पानी बिल्कुल सभी नदियों की तरह होता है लेकिन जैसी थोड़ी दूरी पर आती है इसका रंग अपने आप खून की तरह लाल हो जाता है इतना लाल की आस पास के धरती भी खून की तरह दिखाई देने लगती है.यह नदी का पानी इसलिए लाल हो जाता है कि इस पानी में iron की मात्रा बहुत अधिक मात्रा में होती है जो ऑक्सीजन के संपर्क में आने से गहरा लाल हो जाती है वैसे ही जैसे लोहे की छड़ को बाहर रखने से उसके जंग लग जाती है.
Rudraprayag : Sonprayag Kedarnath Ropeway: भारत के जाने-माने बिजनेसमैन गौतम अडानी ने अपने X अकाउंट पर वीडियो शेयर करते हुए जानकारी दी है कि उनकी कंपनी अदानी एंटरप्राइजेज सोनप्रयाग से केदारनाथ रोपवे का निर्माण कर रही है।12.9 KM की दूरी 36 मिनट में तय कर पाएंगे श्रद्धालु रोपवे का निर्माण होने से 12 किलोमीटर लंबे सफर करने की समय 8 घंटे से घटकर मात्र 36 मिनट रह जाएगी, इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 4081 करोड रुपए हैं, इस रोपवे की मदद से हर घंटे 1800 यात्री प्रति दिशा में सफर कर पाएंगे।केदारनाथ धाम की कठिन चढ़ाई अब आसान होगी।अदाणी समूह श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए यह रोपवे बना रहा है।इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है।महादेव सब पर अपनी कृपा बनाए रखें।जय बाबा केदारनाथ!#Adani pic.twitter.com/9f3VIGAWt6— Gautam Adani (@gautam_adani) October 15, 2025 बुजुर्ग व्यक्ति बच्चे और महिलाओं को मिलेगी राहतरोपवे को बन जाने पर बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग व्यक्ति को केदारनाथ की यात्रा करने में काफी राहत मिलेगी, इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की पर्वतमाला परियोजना के तहत बनाया जाएगा।
India : Amarnath Yatra: महादेव के दरबार अमरनाथ में भक्तों का जाने का इंतजार अब खत्म होने वाला है, श्रद्धा और आस्था के प्रतीक अमरनाथ धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु जाकर भगवान शिव की पूजा और आराधना करते हैं, दुर्गम पहाड़ियों के ऊपर स्थित अमरनाथ गुफा में भगवान शंकर स्वयं विराजमान है, जिनके दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु कठिन यात्रा करके भगवान शंकर की मंदिर अमरनाथ धाम में जाते हैं.11 जून 2025 को प्रथम पूजा के साथ अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ हो चुका है जानकारी के अनुसार 3 जुलाई 2025से 38 दिवसीय अमरनाथ की पवित्र यात्रा को आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया जाएगा, अमरनाथ धाम में भगवान शिव बर्फानी शिवलिंग के रूप में विराजमान है जहां पर श्रद्धालु कठिन यात्रा करके भगवान शिव के दर्शन के लिए जाते हैंरास्ते में रोमांचक और सुंदरता से भरपूर बर्फीले पहाड़ियों के नजारे के साथ-साथ श्रद्धालु भक्ति भजन करते हुए अमरनाथ की गुफा तक पहुंचाते हैं, यहां जाने के लिए रास्ता जितना ही रोमांचक है उतना ही कठिन भी है उसके बाद भी लाखों श्रद्धालु उसके बाद भी लाखों श्रद्धालु हर साल अमरनाथ की यात्रा पर पहुंचते है.अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां निम्नलिखित है.अमरनाथ की यात्रा पर जाने से पहले अपना पंजीकरण अवश्य कर ले, पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है.कठिन मार्ग होने के कारण सभी यात्रियों को अपने स्वास्थ्य का जांच करना अनिवार्य है, चिकित्साह रूप से स्वस्थ आदमी को ही अमरनाथ यात्रा करने के लिए अनुमति दी जाती है.अमरनाथ की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सेवा के जवान सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसी पूरे मार्ग पर तैनात रहेंगेयात्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने साथ गर्म कपड़े फर्स्ट-एड किट, रेनकोट और अन्य आवश्यक सामग्री साथ लेकर जाएं क्योंकि अमरनाथ की यात्रा पर मौसम कभी भी बदल सकता हैअमरनाथ की यात्रा 3 जुलाई 2025 से शुरू होकर 38 दिनों तक चलेगी इस बीच श्रद्धालु अमरनाथ जाकर भगवान शिव के दर्शन कर सकते हैंमहादेव के दर्शन के लिए अमरनाथ के यात्रा पर लाखों श्रद्धालु कठिन यात्रा करके पहुंचते हैं यह सिर्फ यात्रा नहीं बल्कि भक्ति और अटूट आस्था भी हैजिसके वजह से यात्री इतनी कठिन मार्ग पर भी अमरनाथ की दिव्या यात्रा करते हैं अगर आप भी अमरनाथ जाने का योजना बना रहे हैं तो अपनी तैयारियां शुरू कर दीजिए
Aurangabad (Bihar) : औरंगाबाद से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देवगढ़ किला भारत के प्राचीन राजमहल में से एक है, इस किला का तालुक राजपूत परिवार के सिसोदिया वंश से है, सिसोदिया वंश के अंतिम राजा जगनाथ जी के मरने बाद उनका कोई भी संतान नहीं होने के कारण उनकी छोटी पत्नी ने राजपाठ संभाल था.राजा जगनाथ जी जी का कोई भी संतान नहीं होने के कारण उन्होंने अपनी बहन से एक बच्चा गोद लिया था उनकी दो बहने थी बड़ी बहन का नाम बड़ी मानी और छोटी बहन का नाम छोटी मनी था। राजा जगनाथ के मृत्यु के बाद देव राज्य का राजपाठ उनकी छोटी पत्नी ने देश को स्वतंत्र होने तक संभाल था 1947 के बाद देवराज को अटॉर्नी जॉर्नल मुनेश्वर सिंह ने देश में मर्ज करने के लिए हस्ताक्षर किया और उसके बाद देव राज्य भारत देश में विलय हो गया.देवगढ़ की रानी ने कराया था विद्यालय का निर्माणदेवगढ़ किला के साथ-साथ वहां पर आपको प्राचीन विद्यालय भी मिलेगा जिसके लिए देवगढ़ के रानी ने अपने राज्य की भूमि विद्यालय बनाने के लिए विद्यालय के नाम से दान की थी. विद्यालय की स्थापना सन 1938 में डॉ अश्विनी कुमार चटर्जी के माध्यम से सार्वजनिक सभा रखकर देवगढ़ के राजा स्वर्गीय जगन्नाथ प्रसाद सिंह के स्मृति में विद्यालय खोला गया था.देवगढ़ के रानी ने 7 एकड़ 13 डिसमिल जमीन किया था विद्यालय के नाम से दानदेवगढ़ राज्य के बड़ी रानी विश्वनाथ कुमारी ने 7 जनवरी 1938 को 7 एकड़ 13 डिसमिल जमीन विद्यालय के नाम से रजिस्ट्री करवा दी थी, इस विद्यालय के पहले प्रधानाध्यापक के रूप में कंठी प्रसाद देशांधि को बनाया गया था जब विद्यालय को शुरू किया गया था तो विद्यालय में आठवीं नवमी और दसवीं तक पढ़ाई करवाई जाती थी लेकिन अब इस विद्यालय में प्लस टू की भी शिक्षा आरंभ कर दी गई है.अगर आप औरंगाबाद में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आप देवगढ़ किला घूमने जरूर जाइये, डी में देवगढ़ किला के साथ-साथ आपको देव सूर्य मंदिर, पातालगंगा मंदिर इत्यादि प्राचीन धरोहर देखने को मिलेंगे।नोट: यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ली गई है अगर आपको इस जानकारी में कुछ भी कमी लगती है तो आप हमें ईमेल करके बता सकते हैंEmail: panthalassanews@gmail.com